
लाड़ली बहना योजना से मिला संबल, सीमा आडवारे बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा – पांढुर्णा विकासखंड के ग्राम काराघाट कामठी की महिला श्रीमती सीमा आडवारे ने अपने आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर स्वयं का व्यवसाय शुरू कर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बनकर उभरी हैं।
सीमा आडवारे ने शुरुआत में घर से ही छोटे स्तर पर व्यापार करने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे उन्होंने जनरल स्टोर की एक छोटी दुकान शुरू की, जिससे उन्हें नियमित आमदनी मिलने लगी। इस दौरान उन्हें शासन की लाड़ली बहना योजना से मिलने वाली राशि ने भी काफी सहारा दिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपनी दुकान के लिए अतिरिक्त सामान खरीदने में किया, जिससे उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया।
समय के साथ उन्होंने आसपास के बाजारों में भी दुकान लगाना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने केवल जनरल स्टोर का सामान रखा था, लेकिन आय बढ़ने के साथ-साथ उन्होंने अपनी दुकान में लेडीज गारमेंट्स भी रखना शुरू कर दिया। वर्तमान में इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 10 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

सीमा आडवारे का कहना है कि यदि महिलाओं को थोड़ा प्रोत्साहन और अवसर मिले तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। लाड़ली बहना योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास दिया।
आज सीमा आडवारे अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए व्यवसाय भी सफलतापूर्वक चला रही हैं। उनके इस प्रयास से गांव की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हो रही हैं। सीमा आडवारे की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई है।